Saturday, October 16, 2021
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छह महीने पहले ही तैयार हो गई थी भूपेश को पर्यवेक्षक बनाए जाने की पृष्ठभूमि…

विधानसभा चुनाव के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कांग्रेस का पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाने की घोषणा भले ही शनिवार को की गई है..

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कांग्रेस का पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाने की घोषणा भले ही शनिवार को की गई है लेकिन इसकी पृष्ठभूमि करीब छह महीने पहले ही तैयार कर दी गई थी। इसी वर्ष मार्च माह में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सलाहकार राजेश तिवारी को राष्ट्रीय सचिव नियुक्ति करने के साथ यूपी का सह प्रभारी बनाया था।

सूत्र बताते हैं कि इसके साथ ही यूपी चुनाव में बघेल की भूमिका की पृष्ठभूमि भी तय हो गई थी। जिम्मेदारी मिलने के बाद से तिवारी के साथ छत्तीसगढ़ कांग्रेस की टीम उत्तर प्रदेश में सक्रिय है। राजेश तिवारी को सीएम भूपेश बघेल का बेहद भरोसेमंद माना जाता है। तिवारी उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी वाड्रा की टीम का हिस्सा हैं। राजेश तिवारी को बूथ प्रबंधन और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने में माहिर माना जाता है।

सनद रहे कि इससे पहले शीर्ष नेतृत्व की ओर से बघेल को असम चुनाव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस की तैयारियों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि छत्‍तीसगढ़ कांग्रेस के नेता लगातार उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। साथ ही ये नेता छत्तीसगढ़ में किसानों के विकास और कल्याण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए किए जा रहे कार्यों का यूपी के इलाकों में प्रचार भी कर रहे हैं।

बीच जाकर छत्तीसगढ़ में मछली पालन को कृषि का दर्जा दिए जाने के बाद आए बदलावों की जानकारी देकर इस वर्ग को प्रभावित करने की कोशिश की थी। राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि छत्‍तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल कांग्रेस की राजनीति में सशक्त ओबीसी चेहरा बनकर उभरे हैं।

बघेल ने छत्‍तीसगढ़ में ओबीसी का आरक्षण 14 से बढ़ाकर सीधे 27 फीसद कर दिया है। यही नहीं कोर्ट के स्टे के बाद राज्य में ओबीसी की गणना शुरू कर दी गई है। भूपेश बघेल कहते हैं कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्‍व की ओर से मुझे यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। मेरा पूरा प्रयास रहेगा कि शीर्ष नेतृत्व की उम्मीदों पर खरा उतर सकूं। ‘परिवर्तन का संकल्प, कांग्रेस ही विकल्प’ के नारे के साथ हम चुनाव मैदान में जा रहे हैं।