Wednesday, June 29, 2022
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सिंधु बॉर्डर पर किसान आंदोलन के तहत अस्थाई दुकानें शुरू हुईं

कृषि कानून के खिलाफ 12 वें दिन भी सिंघु बॉर्डर पर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से आए किसानों ने डेरा डाला हुआ है।

कृषि कानून के खिलाफ 12 वें दिन भी सिंघु बॉर्डर पर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से आए किसानों ने डेरा डाला हुआ है। वहीं आंदोलन की वजह से सिंघु बॉर्डर पर सुरक्षा के चलते पुलिस प्रशासन ने अपना पहरा बढ़ा दिया है।

इसकी वजह से जहां आस पास मौजूद दुकानों पर काफी असर हुआ है, वहीं बॉर्डर पर किसानों की बड़ी संख्या होने की वजह से कुछ लोगों ने अपनी अस्थाई दुकानों को भी ली हैं।

दिल्ली निवासी फुरकान (बदला हुआ नाम) 7 साल से अपने घर मे छोटी सी फैक्ट्री लगा कर खुद अपने हाथों से नेहरू कट जैकेट बना रहे हैं। बीते 5 साल से पंजाब के जालंधर शहर के ज्योति पार्क में इन जैकेट को बेचने का काम कर रहे थे।

हालांकि सिंधु बॉर्डर पर हो रहे विरोध प्रदर्शन की वजह से फुरकान ने अपनी अस्थाई दुकान अब बॉर्डर पर ही लगा ली है।

वो बीते 3 दिन से सिंघु बॉर्डर पर रोज़ाना आते हैं और सड़क पर ही दुकान लगाकर नेहरू जैकेट बेचने शुरू कर देते हैं। आंदोलन में आए किसान भी नेहरू जैकेट में दिखाना दिखा रहे हैं जिसके चलते फुरकान की अच्छी कमाई हो रही है।

फुरकान ने बताया, बीते 3 दिन से मैं यहां नेहरू जैकेट बेच रहा हूं। मैं पहले जालंधर शहर में दुकान लगाता था, लेकिन कोविड -19 की वजह से वहाँ नहीं जा सका। लेकिन किसानों के विरोध प्रदर्शन की वजह से यहां आ गया हूं।