Sunday, September 25, 2022
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बिहार चुनाव परिणाम 2020: पीएम मोदी के सहारे नीतीश की नैया पार जानिये

नीतीश कुमार ने साबित कर दिया कि उनकी सुशासन बिहार की जनता की पहली पसंद है और वहां के लोग अभी भी उनपर भरोसा करते हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव (बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम) के नतीजों ने एक बार फिर साबित कर दिया है बिहार (बिहार) की जनता की नब्ज पकड़ना किसी भी एग्जिट पोल (एक्जिट पोल) के बस की बात नहीं है। बिहार चुनाव के बाद आए एग्जिट पोल ने भले ही महागठबंधन (महागठबंधन) के सिर पर जीत का

सेहरा बांध दिया हो लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट निकली है। बिहार में एक बार फिर एनडीए की सरकार बन गई है और नीतीश कुमार (नीतीश कुमार) अगले पांच साल के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने को तैयार हैं। बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को 125 सीटों, महागठबंधन को 110 सीटों, एलजेपी को 1 जबकि अन्य के खाने में 7 सीटें गई हैं।

बिहार में एक बार फिर नीतीश कुमार ने साबित कर दिया कि उनकी सुशासन बिहार की जनता की पहली पसंद है और वहां के लोग अभी भी उनपर भरोसा करते हैं। हालांकि इस चुनाव को पूरी तरह से नीतीश कुमार के पक्ष में करने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह से बिहार में चुनावी रैलियों की उसके बाद से एनडीए पर बिहार की जनता का भरोसा बढ़ गया। प्रधानमंत्री ने लोगों को आगाह किया कि उनका वोट एक बार फिर बिहार में जंगलराज ला सकता है। प्रधानमंत्री की यही बात शायद बिहार की जनता के दिल में घर कर गई। इसके बाद चुनाव के दिन जो हुआ वह आज सबके सामने है।

बिहार के चुनाव नतीजों पर गौर करें तो एनडीए में बीजेपी के खाते में सबसे ज्यादा बदलाव हो गए हैं। बिहार के चुनाव में बीजेपी को 74 सीटें हासिल हुई हैं। वहीं जनता दल यूनाइटेड के खाते में 43 वोट गए हैं। इस बार के चुनाव में रेटिंग को 4 हम को 4 सीट मिली है। इस बार के बिहार विधान सभा चुनाव में महागठबंधन से बीजेपी को कड़ी टक्कर मिली है।

महागठबंधन के खाते में 110 लोग गए हैं। महागठबंधन में आरजेडी के खाते में 75 सीटें जबकि कांग्रेस को 19 सीटें मिली हैं। इस गठबंधन की अन्य भागों में CPCIML को 12 बार जबकि CPCM को 2 प्रविष्टियाँ मिली हैं। बिहार चुनाव में सीपीआई के खाते में केवल 2 सीटें गई हैं। इस चुनाव में सबसे खराब स्थिति एलजेपी की रही। चिराग पासवान के नेतृत्व में इस बार का चुनाव लड़ रहे एलजेपी को केवल 1 वोट मिला है।